Saturday, May 10, 2008

हैप्पी मदर्स डे

माँ जो कि दुनिया का सबसे छोटा शब्द है पर इसका ओहदा इतना बड़ा है कि माँ की तुलना भगवान से की जाती है। माँ जो हमें जन्म देती है और इतना काबिल बनाती है कि हम अपने पैरो पर खड़े हो सके। मुझे जब पहले मालूम नही था कि मदर्स डे भी मनाया जाता है तो मै हमेशा सोचती थी कि मम्मी लोगों के लिये कोई न कोई दिन होना चाहिये जिसे हम उनके नाम पर सेलिब्रेट कर सके पर जब पता चला तो मुझे बहुत खुशी हुई। मैनें अपनी मम्मी को गिफ्ट दिया और उनसे आशीर्वाद लिया। ये तो हुई पिछले साल की बात क्योंकि मुझे पिछले साल ही पता चला कि मदर्स डे मनाया जाता है इस साल भी मैं अपनी मम्मी को गिफ्ट दूंगी। आप भी अपनी मम्मी को सर्प्राइस गिफ्ट दीजियेगा और ये देखियेगा कि वो कितनी खुश हो जाती है। रिश्ता चाहे माँ-बेटे का हो या माँ-बेटी का होता तो एक ही है माँ सभी के लिये एक होती है।

तो भई, हफ्तों की थकान, महीनों की टेंशन और सारी चिंतायें भूलकर आज यानि 11 मई को मदर्स डे सेलिब्रेट कीजिये बड़े जोर-शोर से अपनी मम्मी को खुश कीजिये एक प्यारा सा तोहफा लीजिये और उन्हें देकर उनका आशीर्वाद और उनकी दुआयें प्राप्त कीजिये। कहते है माँ की दुआ हमेशा काम आती है तो फटाफट जाइयें कोई गिफ्ट कार्नर। एक प्यार सा गीत है जो माँ के लिये ही है

क्या आप सुनेंगे नहीं?




आप सभी को मदर्स डे की हार्दिक शुभकामनायें!!

मेरा ब्लोग महान!!!

अरे जनाब! क्या आप अपने ब्लोग की महानियत नही दर्शाना चाहते है? तो क्या करेंगे आप कि आप गर्व से कह सके - "मेरा ब्लोग महान!"
चलिये छोड़िये आप तो कुछ न कुछ करेंगे ही पर मै बेचारी लेखों की मारी क्या करुंगी कि कह सकूं "मेरा ब्लोग महान"। मैं ब्लोगवानी में आप सभी की अतरंग ब्लागर साथी बनकर रहना चाहती हूं। देखिये भई मैं आप लोगों की तरह श्रेष्ठ लिख्खाड़ तो नहीं हूं पर थोड़ा बहुत तो लिख ही लेती हूं, मुझे कोई विशेष रूचि नहीं थी लिखने-लिखाने में पर जब से अंतर्जाल से संबंध जुड़ा है इसकी ओर रूचि लेने लगी हूं। चुकिं मैं नई सदस्य हूं इसके लिये मुझे वेलकम रिस्पांस भी मिला है मुझे बहुत खुशी हुई, पर मैं बात कर रही थी कि मैं क्या करूंगी के मैं कह सकूं "मेरा ब्लोग महान"। मैंने इतना अनुभव किया है कि अगर ब्लोग में दुख से लेकर व्यंग्य तक की सारी साहित्यिक रचनाएँ और एक झक्कास शीर्षक हो तो लोग उसे पढने मे रूचि लेते है मै स्वयं भी आकर्षक शीर्षको और विशेष रुप से व्यंग्य शीर्षकों को देखकर सबसे पहले पढती हूं तो मैं अवश्य प्रयास करूंगी मेरा ब्लोग अभियान में पर लगता है आप तो प्रोसेस में है ठीक है लगे रहिये मेरा ब्लोग अभियान में!! मैं नई सदस्य हूं इसलिये कहना चाहती हूं कि हिन्दी ब्लॉगो को बढाने में मै संपूर्ण योगदान दूंगी और यह कोशिश भी करूंगी कि अधिक से अधिक ब्लोगर्स जुटा सकूं।

अरे!! अरे!! रुकिये कहाँ जा रहे है जाते-जाते बताइये तो जरा क्या आप कह सकते है -
"अंतर्जाल में ब्लोगवानी का जहान्।
जिसमें मेरा ब्लोग महान।"

Friday, May 9, 2008

चालू होते ही कम्प्यूटर क्या करता है!

byजी.के. अवधिया

जब आप स्टार्ट बटन (start button) दबा कर अपने कम्प्यूटर (computer) को चालू करते हैं तो कम्प्यूटर (computer) में सिलसिलेवार प्रक्रियाएँ आरम्भ हो जाती हैं जिसे कि बूटिंग (booting) के नाम से जाना जाता है। बूटिंग (booting) दो चरणों में होती है जिसके प्रथम चरण में कम्प्यूटर (computer) पॉवर-आन सेल्फ टेस्ट (Power-On Self Test) करता है अर्थात् स्वयं को जाँचता-परखता है और दूसरे चरण में आपरेटिंग सिस्टम (Operating System) को लोड (Load) करता है।

कम्प्यूटर (computer) के सभी अवयव सही-सही कार्य कर रहे हैं इस बात को परखने की एक श्रृंखलाबद्ध जांच प्रक्रिया (a series of tests) को पॉवर-आन सेल्फ टेस्ट (Power-On Self Test) कहा जाता है :

  1. सर्वप्रथम सी.पी.यू. (C.P.U.) अर्थात् सेन्ट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (central processing unit) स्वयं को पुनर्स्थापित (reset) करता है।

  2. सी.पी.यू. (C.P.U.) स्वयं को जाँचता है और बयास (Bios) में स्थित मेमोरी (Memory) के प्रोग्राम्स (programs) को शुरू करता है।

  3. फिर बयास (bios) में स्थित कोड्स (codes) की सहायता से सभी घटकों (components) की जाँच करता है।

  4. फिर राइटिंग और रीडिंग (writing and reading) करके डीरैम (DRAM) की जाँच होती है।

  5. तत्पश्चात की-बोर्ड (keyboard) की जाँच होती है कि वह सही ढ़ंग से जुड़ा है या नही

  6. उसके बाद फ्लॉपी ड्राइव (floppy drive) और हार्ड ड्राइव (Hard drive)की जाँच की जाती है।

  7. फिर जाँच की जाती है कि माउस (mouse) जुड़ा है या नही।

  8. अंततः जाँच से प्राप्त डाटा (data) का बयास (bios) में कॉन्फिगर्ड डाटा (configured data) से मिलान किया जाता है।

  9. किसी भी प्रकार की गलती पाने पर कम्प्यूटर (computer) एरर मेसेज (error messege) देता है और यदि सभी कुछ ठीक-ठाक मिले तो आपरेटिंग सिस्टम (operating system) को लोड करने की प्रक्रिया आरंभ कर देता है।

आपरेटिंग सिस्टम (operating system) लोड होना

  1. सी.पी.यू. (C.P.U.) आपरेटिंग सिस्टम को फ्लॉपी (floppy), सी.डी. (CD) तथा हार्ड ड्राइव (hard drive) में खोजता है।

  2. आपरेटिंग सिस्टम के मिल जाने पर उसके भीतर स्थित बूट रेकार्ड को डीरैम (DRAM) में स्थानांतरित करता है।

  3. आपरेटिंग सिस्टम (operating system) के लोड हो जाने तक यह प्रक्रिया जारी रहती है।

  4. आपरेटिंग सिस्टम (operating system) पूर्णतः लोड हो जाने के बाद डेस्कटॉप दिखाई पड़ने लगता है और कम्प्यूटर (Computer) उपयोग करने लायक बन जाता है।

जी.के. अवधिया हिन्दी के प्रति समर्पित लेखक है उनका वेबसाइट है - हिन्दी वेबसाइट

Article Source: हिंदी वेबसाइट कृति निर्देशिका

Wednesday, April 30, 2008

स्किन का सौंदर्य

रोज क्या करें

  1. सुबह के हल्के ब्रेकफास्ट के बाद संतरे का जूस लें ताकि विटामिन ई और सी आपको मिल सके। प्रयास करें कि ब्रेकफास्ट में दलिया, इडली आदि हो।

  2. त्वचा को सुंदर और स्वस्थ बनाने के लिये पौष्टिक संतुलित आहार लें, अपने भोजन में सलाद को शामिल करें। ढ़ेर सारा तरल पदार्थ और फलों का रस, पानी पियें ताकि पेट साफ रहें। ऐसा करने से त्वचा सदा कांतिमय बनी रह सकती है।


  3. अपने दिन की शुरुआत शहद और नींबू मिले गुनगुने पानी को पीकर करें। यह हर्बल साधन पाचन-शक्ति को अच्छा रखने के साथ ऊर्जा प्रदान करता है। आप रहती हैं पूरे दिन तरोताजा।

  4. हमेशा नहाने के बाद बॉडी लोशन तथा मॉइस्चराइजर अवश्य लगायें।

  5. हर संभव त्वचा को धूप के सीधे संपर्क से बचायें। बाहर निकलते वक्त चश्मा, छतरी, कैप कुछ भी प्रयोग करें। सनस्क्रीन या सनब्लाक लगायें।

  6. सर्दी के मौसम में चेहरा बार बार धोने से त्वचा की की प्राकृतिक रक्षात्मक तैलीय चिकनाई निकल जाती है अत: इस क्रिया को बार बार न दोहरायें।

Tuesday, April 29, 2008

जुल्फों में बहार - हेयर कलर की बयार!!

आजकल अपने बालों को कलर करना एक नया ट्रेन्ड बन गया है और फैशन की इस बयार का असर सभी एज ग्रुप के लोगों पर होता दिख रहा है।

कुछ लोंग अपने लुक को और बेहतर बनाने के लिये बालों को नया रंग देते है, तो कुछ के लिये यह एक मजबूरी है क्योंकि उन्हें अपने सफेद हो रहे बालों को छिपाना होता है। पर उन दिनों जिस आयु वर्ग में लोंगों में यह सबसे अधिक लोकप्रिय हो रहा है। उसका उद्देश्य अपने बालों की सफेदी को छुपाना हरगिज नहीं है। अपने लुक को तुरंत बदलने के लिये हेयर कलरिंग सबसे प्रभावकारी तरीका है। बाजार में लगातार पॉपुलर होते इस त्रेन्ड को अच्छे तरीके से समझ रहा है और शायद यही वजह है कि अलग-अलग तरह के बाल और उसके टेक्सचर को ध्यान में रखते हुये कंपनियां हेयर कलर मार्केट में ला रहे है।

और हाँ! इस दौरान उपभोक्ता यानी आपकी सहुलियत का भी पूरा ध्यान जा रहा है और इसलिये लिक्विड फार्म से लेकर पाउडर फार्म के रुप तक में हेयर कलर मार्केट में उपलब्ध है। हेयर कलरिंग की वजह चूँकि सिर्फ सफेद बालों को काला करना नहीं है, इसलिये ब्राउन, गोल्डन, बरगंडी, मैरून, पर्पल, हनी ब्राउन चैरी आदि तमाम कलर लुक व पसंद के आधार पर मांग में बने हुये है। इसके अलावा रेड और ब्राउन कलर युवाओं के बीच सबसे ज्यादा लोकप्रिय है। गोरे लोगों पर अच्छा लगता है, जबकि सामान्य त्वचा पर रेडिश और पर्पल शेडका हेयर कलर अच्छा लगता है। बालों को कलर करे, लेकिन कोशिश करें कि सूरज की रोशनी डाइरेक्टली आपके बालों के रेड टोन को और भी ज्यादा हाइलाइट करती है।

  • बालों को धोने के लिये शैम्पू का चुनाव सोच-समझकर करें। यदि कलर्ड बालों के लिये आने वाले विशेष शैम्पू का उपयोग किया जाये, तो बेहतर होंम, शैंपू करने या फिर स्वीमिंग के बाद बालों में कंडीशनर जरुर लगायें, नहीं तो बाल रूखे हो सकते है।
  • यदि आपके बाल दोमुहे है तो कलरिंग से पहले बालों की ट्रीमिंग जरुरी है।
  • यदि आप बालों को कलर करने की योजना बना रही हैं तो उससे 4-5 महीने पहले बालों में मेहंदी न लगायें।
  • यदि सिर में किसी भी तरह की चोट या खरोंच हो तो उसके ठीक होने के बाद ही हेयर कलरिंग करें।

Monday, April 28, 2008

स्टाइल के साथ करें मेडिटेशन (Maditation with Style)

योग व व्यायाम करने की सही विधि की जानकारी के साथ यदि आसपास का वातावरण और आउटफिट भी एक्सरसाइज के अनुरुप हो, तो एक्सरसाइज करना सकून भरा हो जाता है, आपकी ड्रेस आपकी एक्सरसाइज को स्पेशल बना देती है। विभिन्न प्रकार की एक्सरसाइज के साथ इन दिनों एक्सरसाइज स्पेशल केपरीज व टी-शर्ट बाजार में उपलब्ध है

मटेरियल

योग व मेडिटेशन के दौरान पहने जाने वाले कपड़े कंफर्टेबल होने के साथ खुले होने चाहिये। इससे व्यायाम के दौरान सांस लेने में आसानी होती है तथा शारीरिक मूवमेंट में किसी प्रकार की दिक्कत नही होती। जहां तक संभव हो सिंथेटिक कपड़े न पहनें। सिंथेटिक कपड़े नमी सोख नही पाते। इस तरह के फैब्रिक में त्वचा सांस नहीं ले पाती। कॉटन व होजरी के कपड़े पहनना बेहतर है। यह पसीने को आसानी से सोख लेते है। यह पसीने को आसानी से सोख लेते है तथा मेडिटेशन के दौरान कोइ दिक्कत नही होती।

ड्रेस

व्यायाम के दौरान आपकी ड्रेस ऐसी होनी चाहिये जो शरीर को कवर करने के साथ फ्री मूवमेँट में बाधा बने। व्यायाम के दौरान शरीर का तापमान बढ़ जाता है। ऐसे में बहुत सारे कपड़े पहनना असुविधाजनक हो सकता है। वैसे आप सूट-सलवार पहनकर एक्सरसाइज कर सकती हैं, लेकिन टी शर्ट ट्राउजर पहनना अधिक सुविधाजनक होता है। टी शर्ट अधिक खुली नहीं नही होनी चाहिये। स्ट्रचेबल फैब्रिक से बनी टीशर्ट व्यायाम के दौरान पहनने के लिये उपयुक्त होती है।


पैरों में ट्रैक पैंट या किसी भी तरह की एक्सरसाइज पैंट पहन सकती है। बशर्ते मूवमेंट के दौरान किसी प्रकार की दिक्कत न हो। वैसे आपकी ड्रेस वातावरण की स्थिति और आप किस तरह की एक्सरसाइज करती हैं, उस पर भी निर्भर करती है, तो उसके लिये हल्के व कम कपड़े पहनना कंफर्टेबल रहेगा। कुछ महिलायें ध्यान करते समय शॉल लेना पसंद करती है। एक्सपर्ट के अनुसार सिल्क से बनी शॉल में ध्यान केंद्रित करने में आसानी होती है। पैरों के लिये खुली कैपरी, हैरम या बैलुन पैंट पहनना भी मेडिटेशन के लिये पूरी तरह से अनुकुल है। एक्सरसाइज के दौरान हमेशा आरामदायक स्नीकर पहनें। सही तरह के शूज पहनने से आपके जोड़ों पर दबाव कम पड़ेगा

एसेसरीज

मेडिटेशन के दौरान लेदर, प्लास्टिक, रबड़, सिंथेटिक और मेटल से बनी एसेसरीज से परहेज करें। बेल्ट, चेन व इयरिंग में बी सिंथेटिक मेटीरियल का इस्तेमाल न करें। वैसे आउटफिट को रंग-बिरंगा बनाने के लिये आप कलरफुल हेयर बैंड, कपड़े की वेलट और बैग आदि उपयों में ला सकती हैं ध्यान रखें कि आपके बाल सही तरीके से बंधे हों।

चाहें तो क्लिप्स व हेयर बैंड भी इस्तेमाल कर सकती हैं।

Saturday, April 19, 2008

मेकअप बदलती पसंद


सभी चाहते हैं कि उनके विवाह में सबका ध्यान उनकी तरफ हो पर खूबसूरत दिखने के लिये केवल मेकअप ही काफी नही हैं। विवाह के कुछ दिन पहले से करे अपनी सही देखभाल और पायें सबकी आँखों में अपने लिये तारीफ की चमक...........



ग्लॉसी मेकअप



ब्राइडल मेकअप तो डार्क होता ही है पर मैट के स्थान पर शिमर लुक लिये ग्लॉसी मेकअप एक बार फिर लोंगों की पसंद बनता जा रहा है। ठंड मे वेट लुक वाला मेकअप भी बेहद खूबसूरत लगता है।

हेयर एक्सेसरीज


एक तरफ जहां गजरा फैशन के बाहर होता जा रहा है, वही अन्य ताजे फूलों का बालों में सजाना लड़कियों की पसंद बन रहा है। आमतौर पर बुके आदि में इस्तेमाल किये जाने वाले इन फूलों की बालों में सजावट दुल्हन को एक अलग ही गेटअप देती है। लंबी चोटियों का स्थान आकर्षक जूड़ों ने ले लिया है। कर्ल किये बालों के ऊपर गोल्डन फिलर्स को ऐसे अंदाज में सजाया जा रहा है कि वे केश में पिरोये घुंघरुओं वाला लुक देते है।

फीचर करेक्शन


लोग लुक्स को लेकर काफी जागृत हो गयें है। फीचर करेक्शन कि जरिये साधारण नैन-नक्श को तीखे नैन-नक्श में परिवर्तित किया जा सकता है। जैसे आपके फूलें गाल हैं तो मेकअप के जरिये उन्हे छुपाया जा सकता है।

बिंदी


माथे के श्रंगार के लिये इन दिनो स्टकिंग बिंदिया या स्टोन्स इस्तेमाल किये जा रहे है। ज्यादातर दुल्हनें केवल एक बड़ी बिंदी ही लगाना पसंद कर रही है। यह बिंदी भी लंबी पसंद की जा रही है। कम्प्युटराज्ड कटिंग की ये बिंदियां बड़े मांग टीके के साथ लुभावनी लगती है।

मांग टीका


दुलहन का मां टीका भी अंदाज बदल रहा है। पहले नाजुक मांग टीके दुल्हन की पसंद हुआ करते थे, अब भारी टीकों की फरमाइश रहती है।

आई मेकअप


इन दिनों शिमर व शाइन मेकअप का ट्रेंड है, इसलिये आई मेकअप शोख होना चाहिये तभी जंचता है। आखों को चमकदार बनाने के लिये पिंक शिमर का प्रयोग किया जाता है। चाहें तो मल्टी शिमर ले सकते है। आखों को बड़ा दिखाने के लिये वाटरप्रूफ काजल का प्रयोग करें।